दिल्ली में जंतर-मंतर अब प्रदर्शन स्थल नहीं रहा, पुलिस ने सुरक्षा कारणों से रामलीला मैदान, बुराड़ी और सीबीडी ग्राउंड को चुना। सीजेपी संस्थापक ने फैसले पर उठाए सवाल
दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पर बड़े बदलाव की जानकारी सामने आई है। गृह मंत्रालय के फैसले के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान तय किए हैं। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी ग्राउंड शामिल हैं। इस फैसले पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगहों की सूची से हटाए जाने पर तंज कसते हुए कहा कि अब यह प्रदर्शन की जगह नहीं रही है। दिपके ने आरोपों के लहजे में कहा कि एक कायर तानाशाह ने जंतर-मंतर को युद्ध का मैदान बना दिया था। उन्होंने ट्वीट किया, 'अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा'। अभिजीत दिपके का यह बयान धरना-प्रदर्शन के लिए जगहों में बदलाव को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस के बीच आया है। दिपके ने अपने बयान के जरिए विरोध दर्ज कराने की जगह को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि इस फैसले से लोगों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाना लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय स्थलों की सूची से हटाने का आदेश जारी किया है। 11 अक्टूबर 2026 को जारी इस आदेश के मुताबिक अब प्रदर्शन के लिए तीन अन्य जगहें निर्धारित की गई हैं। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार के हस्ताक्षर से जारी यह आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी पुराने आदेश में संशोधन करता है। इसके तहत जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाकर तीन नए स्थानों को शामिल किया गया है। धरना-प्रदर्शन के लिए अब तीन स्थानों को चुना गया है। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड शामिल हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से सुरक्षा कारणों को इस बदलाव की वजह बताया गया है। पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर भीड़भाड़ और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में दिक्कतें आ रही थीं। इसलिए, वैकल्पिक स्थानों का चयन किया गया है जहां प्रदर्शनों को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सके। हालांकि, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित किए जाने और नए स्थानों पर लागू होने वाले नियमों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित आधिकारिक आदेश की पुष्टि जरूरी है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन नए स्थानों पर प्रदर्शन करने के लिए क्या नियम और शर्तें लागू होंगी। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि नए प्रावधानों के तहत प्रदर्शनकारियों को किन शर्तों के साथ धरना देने की अनुमति मिलती है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी ग्राउंड में विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए संशोधित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) अलग से जारी किए जाएंगे। इन दिशा-निर्देशों में प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और उससे जुड़े नियमों की जानकारी दी जाएगी। इसमें यह भी बताया जाएगा कि प्रदर्शनकारियों को किन-किन सुविधाओं की अनुमति होगी और किन चीजों पर पाबंदी रहेगी। इस फैसले के बाद दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की व्यवस्था में बदलाव होगा। नई जगहों पर प्रदर्शन की अनुमति, शर्तों और प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी संशोधित एसओपी जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।




