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ग्वालियर के तिघरा थाना क्षेत्र में अवैध खनन रोकने गई वन विभाग की टीम पर मेवाराम गुर्जर नाम के शख्स ने हमला कर दिया। उसने वनकर्मियों को जान से मारने की धमकी दी और पथराव भी किया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और धमकी देने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने प्रयागपुरा निवासी मेवाराम गुर्जर और उसके एक अज्ञात साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। यह घटना शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात की है। लखनपुरा वन चौकी प्रभारी केशव दत्त के नेतृत्व में वन अमला सरकारी वाहन से कालाखेत बीट के कक्ष क्रमांक 360 में गश्त कर रहा था। गश्त के दौरान उन्हें पुराने मलबे के गड्ढों की तरफ से ठक-ठक की आवाज सुनाई दी। वन विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो उन्होंने देखा कि प्रयागपुरा निवासी मेवाराम गुर्जर दो मजदूरों के साथ छेनी व हथौड़ी से अवैध रूप से फर्शी पत्थर निकाल रहा था। वन अमले को देखते ही आरोपी मेवाराम औजार ले जाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देते हुए भागने लगा। चूंकि फर्शी पत्थरों का परिवहन संभव नहीं था, इसलिए वनकर्मियों ने पत्थरों को मौके पर ही तोड़कर अनुपयोगी बना दिया। उन्होंने खनन में इस्तेमाल हो रहे औजारों को भी जब्त कर लिया। इसके बाद टीम लखनपुरा चौकी के लिए रवाना हो गई। जब्त किए गए औजारों के साथ जब वन अमला लखनपुरा चौकी लौट रहा था, तब प्रयागपुरा और सीडन का पुरा के बीच मेवाराम अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से वहां पहुंच गया। उसके साथी के हाथ में डंडा था। आरोपी मेवाराम ने सरकारी गाड़ी के आगे अपनी मोटरसाइकिल अड़ाकर रास्ता रोक लिया और वनकर्मियों को डराने-धमकाने लगा। इसके बाद मेवाराम ने अपने साथी को वन अमले पर पत्थर फेंकने के लिए उकसाया। आरोपियों ने चिल्लाते हुए वन चौकी को तोड़ने और वनकर्मियों को जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों के पथराव के कारण वनकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए छिपना पड़ा। घटना के दौरान गेम सर्किल रायपुर का दूसरा सरकारी वाहन सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंच गया। दूसरे वाहन को आता देख और खुद को घिरता महसूस कर आरोपी धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। इसके बाद वन अमले ने आपातकालीन नंबर 112 पर घटना की सूचना दी और सुरक्षित लखनपुरा चौकी पहुंचे। गेमरेंज तिघरा अधिकारी दीपांश शर्मा के निर्देश पर वनकर्मियों ने तिघरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। तिघरा थाना प्रभारी शिवराम कंसाना ने बताया कि पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेवाराम गुर्जर के अलावा उसका एक अज्ञात साथी भी इस मामले में शामिल है। गौरतलब है कि इस तरह के अवैध खनन पर कार्रवाई लगातार जारी है। वन विभाग की टीम ऐसे अपराधों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वन माफिया किस हद तक जा सकता है और सरकारी अमले पर जानलेवा हमला करने से भी नहीं हिचकिचाता।
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