11 अक्टूबर को हुई जांच में सात खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए गए
शासकीय कन्या महाविद्यालय के छात्रावास में भोजन में इल्ली मिलने की शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने रसोईघर और खाद्य सामग्री का निरीक्षण कर सात नमूनों को जांच के लिए एकत्र किया है। इनकी प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह घटना 11 अक्टूबर को हुई जांच के दौरान सामने आई, जब अधिकारियों ने रसोईघर की साफ-सफाई और खाद्यान्न सामग्री की पर्याप्तता का जायजा लिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने इस दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के सात नमूने लिए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। भोजन में इल्ली मिलने की शिकायत के संबंध में अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगा। जांच के दौरान अधिकारियों ने छात्राओं से भी मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। भोजन की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायत के अलावा, पेयजल की गुणवत्ता, कमरों की साफ-सफाई और छात्रावास में व्यवहार व संवाद से संबंधित अन्य मुद्दे भी सामने आए। छात्राओं ने विशेष रूप से चौकीदारों के व्यवहार को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। इन विभिन्न शिकायतों के प्रभावी समाधान के लिए संबंधित विभागों और छात्रावास प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया। छात्रावास की वार्डन मनीषा चौधरी को खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, रसोईघर की नियमित सफाई और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उन्हें जवाबदेह ठहराया गया है। यह कदम छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के लिए बेहतर और सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए 12 अक्टूबर को कलेक्टर की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सहायक आयुक्त, आदिवासी कल्याण विभाग प्रशांत आर्य को भी उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।




