जन-कल्याण, डिजिटल सेवाओं और शिक्षा, एआई, एमएसएमई, निर्यात से नए अवसर सृजित होंगे
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों से और अधिक मजबूत हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने जन-कल्याण, बुनियादी ढांचे और डिजिटल सेवाओं को विकास की एक साझा दिशा दी है। करोड़ों नागरिकों तक सीधी सुविधाएं पहुंचने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी मजबूत हुई है। यही वह आधार है जो हर परिवार की आय और जीवन-स्तर को बेहतर बनाने के अगले चरण को गति देगा। विश्व बैंक के 2025 के आकलन के अनुसार, भारत को 2047 तक उच्च आय वाला देश बनने के लिए औसतन 7.8 प्रतिशत की वार्षिक आर्थिक वृद्धि दर हासिल करनी होगी। यह लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन असंभव नहीं। बेहतर कनेक्टिविटी और डिजिटल सुविधाएं उद्योगों व सेवा क्षेत्र को नई रफ्तार दे सकती हैं। व्यावहारिक प्रशिक्षण, सुरक्षित परिवहन और बाल- देखभाल की सुविधाएं युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेंगी, जिससे उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। इन अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति एक सही दिशा दिखाती है। बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणित की बुनियादी क्षमता सुधारने के साथ-साथ शिक्षकों के प्रशिक्षण पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का प्रशिक्षण छोटे शहरों तक पहुंचे और इसे उद्योग की व्यावहारिक जरूरतों से जोड़ा जाए, ताकि युवा नवीनतम तकनीक से लैस हो सकें। बेहतर पोषण और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार नागरिकों की कार्यक्षमता और जीवन-स्तर को बेहतर बनाएगा। जब नागरिक स्वस्थ होंगे, तभी वे देश के विकास में पूरी क्षमता से योगदान दे पाएंगे। छोटे और मध्यम उद्योगों की तरक्की इस विकास यात्रा को सर्वव्यापी बनाएगी। डिजिटल भुगतान, समय पर भुगतान, सस्ता कर्ज और सरल नियम मिलने से देश में नए रोजगार पैदा होंगे और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने के लिए एक समर्पित मिशन बनाया जाना चाहिए। यह मिशन नए निर्यातकों को गुणवत्ता मानक समझने, आवश्यक प्रमाणपत्र हासिल करने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए ग्राहक खोजने में मदद करेगा। जिलों की निर्यात योजनाओं से जुड़ा यह प्रयास स्थानीय व्यापार को वैश्विक पहचान दिलाएगा और ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि लाएगा। फसलों के भंडारण की बेहतर व्यवस्था, खाद्य प्रसंस्करण और मंडियों तक सीधी पहुंच से किसानों की आय बढ़ेगी।




